बुधवार, 8 मई 2013

NEW WAVE


नई लहर
सुनो म्हारी पुकार ,मत करो इंकार ,होवां सब त्यार 
नई लहर चलानी सै जरूर ||
महंगाई  नै कसूता वार किया , यो मजदूर किसान मार दिया 
सै पक्की  बैरी  म्हारी  ,नाश करैगी भारी ,जिंदगी होगी खारी 
इंकि काट बिछानी सै जरूर ||
सब्सिडी  म्हारी ख़तम करैं देखो , अपने घरां नै रोज भरैं देखो  
धरती बिकती जा ,जिंदगी धिकती जा, या साँस रूकती जा 
किसानी   तो बचानी सै जरूर ||
भ्रष्टाचार नै सीम लांघ दी रै , शर्म खूंटी ऊपर टांग दी रै 
बीस  मौज करते,अस्सी पानी भरते , तीस भूखे मरते 
भूख गरीबी मिटानी सै जरूर ||
मजदूर कै टोटा घर करग्या , दो किल्ले आला जमा मरग्या
बिना संगठन भाई ,या बैरी की मंजाई, मुश्किल सै बताई
अस्सी की यारी  बनानी सै जरूर || 
 

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